
विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने काली पट्टी बांध कर किया कार्य
विकासनगर। मांगें पूरी न होने पर उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहा है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के चरणबद्ध आदोलन के क्रम में रविवार को तीनों निगमों अधिकारी व कर्मचारी प्रबंधन की ओर से जारी फरमान से नाराज है, जिसमें प्रबंधन ने गांधी जन्मदिवस और रविवार होते हुए भी कार्मिकों को कार्य पर उपस्थित होने को कहा था। मोर्चा ने फरमान को तुगलकी बताया, जिसके विरोध में सभी ने अपने कार्य स्थलों पर काली पट्टी बांधी और आक्रोश व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रबंधन से एक दिन के अतिरिक्त वेतन व प्रतिपूरक अवकाश की मांग भी की।
मोर्चा की मांग है कि संविदा कार्मिकों के लिए समान कार्य समान वेतन, स्वयं सहायता समूह के तहत कार्यरत कर्मचारियों को पूरा वेतन, ईपीएस की सही कटौती, नियमित कर्मचारियों की पुरानी एसीपी की व्यवस्था जो नौ वर्ष 14 वर्ष 19 वर्ष में मिलती थी, उसे बहाल करने की मांग की। इसके अलावा पुरानी पेंशन को बहाल करने, सभी भत्तों का रिवीजन करने, अवर अभियंता का ग्रेड वेतन उच्चीकरण व अन्य मांगों पर तत्काल कार्रवाई की भी मांग की। अधिकारियों और कर्मचारियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि टूल व पेन डाउन, जल विद्युत निगम, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन व ट्रांसमिशन मुख्यालयों पर सत्याग्रह के बाद भी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पांच अक्टूबर तक समस्याओं का समाधान न होने पर छह अक्टूबर को सुबह आठ बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। काली पट्टी बांध कर विरोध करने वाले कार्मिकों में मोहम्मद रियाज, मनोज कुमार, दीपचंद्र, कुलदीप, सौरभ पांडेय, अनूप दीपक, मोहम्मद अमजद, मान सिंह, नरेंद्र गिरी, पंकज, प्रदीप, अर्चना, रेनू, ममता आदि शामिल रहे।

