
उत्तरकाशी (आरएनएस)। गंगोत्री मंदिर समिति ने धाम में मुख्य मंदिर के दर्शन के समय में बदलाव किया है। अब श्रद्धालु दिन में शाम चार बजे तक मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे, इसके बाद शयनकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
शनिवार को गंगोत्री धर्मशाला में मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की वार्षिक बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में आय-व्यय के साथ पुजारी व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि पहले श्रद्धालुओं को सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक दर्शन की अनुमति थी, जिसके बाद कपाट कुछ समय के लिए बंद कर दिए जाते थे। नए निर्णय के तहत अब दर्शन का समय शाम चार बजे तक बढ़ा दिया गया है। इसके बाद पौने आठ बजे होने वाली गंगा आरती के दौरान मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे और रात दस बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे।
समिति के मीडिया प्रभारी सतेंद्र सेमवाल ने बताया कि यह निर्णय श्रद्धालुओं को धाम में अधिक समय तक ठहरने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि वे घाटों पर पूजा-अर्चना और अन्य मंदिरों के दर्शन के साथ शाम की आरती में भी शामिल हो सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तीर्थ पुरोहितों, मंदिर कर्मचारियों और अन्य लोगों को मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सुरेश सेमवाल, सतीश सेमवाल, अभिषेक सेमवाल, सुशील सेमवाल, भागेश्वर सेमवाल, रविंद्र सेमवाल, सतेंद्र, राजेश और महेश सेमवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

