
पौड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने दुराचार के आरोपी को दस साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने पीड़िता को राज्य सरकार से दो लाख की प्रतिकर के तौर पर देने के भी आदेश दिए हैं। सतपुली क्षेत्र के एक गांव के इस मामले में 19 दिसंबर 2022 को आरोपी के विरुद्ध पट्टी लंगूरवल्ला-2 में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिला अशासकीय अधिवक्ता प्रदीप भट्ट ने बताया कि 18 दिसंबर 2022 की रात को आरोपी उस वक्त पीड़िता के घर का दरवाजा खोलकर घुसा जब वह सो रही थी। आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। उसने शोर मचाया तो उसका मुंह दबा दिया और उसके हाथों को दबाकर पकड़कर उसके साथ जबरन दुराचार किया। जिस पर पीड़िता बहुत डर गई। पति भी काम पर घर से बाहर गए हुए थे। रात होने की वजह से वह कहीं बाहर नहीं गई। सुबह उसके पति जब घर पर आए तब उसने सारी बात उन्हें बताई। पीड़िता को आरोपी से जान माल का खतरा भी है। बताया कि पीड़िता अपने पति के साथ राजस्व पुलिस चौकी पर गई और उसने आरोपी के विरुद्ध तहरीर दी। जिसमें उसने अपने साथ हुई इस घटना के बारे में बताया। तहरीर के आधार पर राजस्व उपनिरीक्षक अमित नेगी ने 19 दिसंबर को पट्टी लंगूरवल्ला में आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए गए। साथ ही पीडि़ता का कोटद्वार में मेडिकल भी करवाया गया। आरोपी को 28 दिसंबर को गिफ्तार किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी धर्म सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दुराचार का दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई साथ ही उस पर दो हजार का अर्थदंड भी ठोका। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अर्थदंड न देने की दशा में 1 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने राज्य सरकार भी पीड़िता को 2 लाख प्रतिकर देने के आदेश दिए। अभियोजन की ओर से कुल 8 गवाह प्रस्तुत किए गए थे।

