
अल्मोड़ा। सोमवार को उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रस्तावित आंदोलन कार्यक्रम के क्रम में शाखा अल्मोड़ा की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष सूरज सिंह रावत ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव हितांशी नैनवाल द्वारा किया गया। बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्री मांगों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने पर असंतोष व्यक्त किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महासंघ द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम में शाखा अल्मोड़ा पूर्ण सहभागिता करेगी। सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उच्चाधिकार समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद समस्याओं के समाधान के लिए महासंघ द्वारा 2 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक प्रथम चरण का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाने का निर्णय लिया गया है। इस आंदोलन में प्रदेश के सभी तकनीकी विभागों में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर्स, जिनमें अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अपर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं, भाग लेंगे। महासंघ के निर्णय के अनुसार 2 फरवरी को सभी जनपदों के शाखा मुख्यालयों पर एक दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद 10 फरवरी को जनपद मुख्यालयों पर एक दिवसीय बैठक होगी। 18 फरवरी को सभी जनपद मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 27 सूत्री मांगों के समाधान के लिए ज्ञापन भेजा जाएगा। आंदोलन के प्रथम चरण का समापन 23 फरवरी को प्रदेश की राजधानी देहरादून में विशाल रैली और सचिवालय घेराव के साथ किया जाएगा। रैली परेड ग्राउंड से उत्तराखंड सचिवालय तक जाएगी, जिसके बाद उच्चाधिकार समिति की बैठक कर आंदोलन के द्वितीय चरण की घोषणा की जाएगी। बैठक में मंडल सचिव दीपक सिंह मटियाली, जनपद अध्यक्ष जी. एस. मेहरा, जनपद सचिव ललित मोहन बिष्ट के साथ ही हिमांशु जोशी, रिनी पांडे, जीवेश वर्मा, मनीष कुमार, प्रफुल्ल कुमार जोशी, अंकित सिंह, कमलेश तिलारा, हर्षिता सुयाल और जतिन शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

