
देहरादून। पुलिस महानिदशेक (डीजीपी) अशोक कुमार का ट्विटर पर फर्जी एकाउंट बनाने वाला गाजियाबाद का 17 साल का किशोर निकला। जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस टीम किशोर तक पहुंच गई। हालांकि उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पूर्व में डीजीपी का फर्जी एकाउंट बनाने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में इंटरनेट मीडिया सेल के प्रभारी मुकेश चंद्र ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। फर्जी एकाउंट की जानकारी के लिए ट्विटर से पत्राचार किया गया। इसके बाद ट्विटर ने एकाउंट धारक का यूआरएल और उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। जांच के दौरान मोबाइल नंबर गाजियाबाद का पाया गया। आरोपित की गिरफ्तारी की लिए पुलिस टीम गाजियाबाद भेजी गई, जिसमें चौकाने वाली बात सामने आई। एसएसपी ने बताया कि फर्जी ट्विटर एकाउंट गाजियाबाद निवासी के 17 साल के किशोर का था। पूछताछ में किशोर ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसके दोस्त के घर पर किसी का झगड़ा हुआ था। इस दौरान उसने तुरंत पुलिस सहायता लेने के लिए ट्विटर पर डीजीपी उत्तराखंड का फर्जी एकाउंट बनाते हुए शिकायत को उत्तर प्रदेश पुलिस के ट्विटर एकाउंट से टैग किया था।


