
देहरादून(आरएनएस)। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के आंकडों का कांग्रेस ने सिरे से खारिज किया है। शुक्रवार को राजीव भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में कांग्रेस सीडब्लूसी सदस्य मंगलौर विधायक काजी निजामुद़दीन ने कहा कि यदि ऐसा होता तो आज प्रदेश से पलायन न हो रहा होता। यहीं नहीं सरकार इस प्रकार सदन से बाहर आंकड़े जारी न करती। बल्कि उसे सदन के पटल पर रख कर अपनी उपलब्धियां बताती। काजी ने कहा दरअसल, आर्थिक सर्वेक्षण की इमारत को अफसरों ने झूठे आंकडों की बुनियाद पर बनाया है।उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के हितों के साथ खिलवाड़ करने का आरेाप भी लगाया। कहा कि कई योजनाओं में केंद्र सरकार ने बजट कम किया है। इसी प्रकार 16 वित्तीय आयोग के प्रावधान भी काफी जटिल है। इससे सीधा सीधा नुकसान राज्य को होगा। इस बार उत्तराखंड राजस्व घाटा अनुदान से भी महरूम हो गया है। केंद्र और वित्त आयोग के फैसले राज्य को कर्ज की ओर धकेल रहे हैं। कहा कि इस वक्त राज्य पर कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है। नई नीतियों की वजह से इसके कम होने के बजाए बढ़ते ही जाने की आशंका है।बजट सत्र की अवधि बढ़ाए सरकार:काजी ने बजट सत्र के समय को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। कहा कि विधानसभा की कार्य संचालन नियमावली के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण पर चार दिन तक चर्चा का प्रावधान है। इसी प्रकार बजट पेश करने के दो दिन बाद उस पर चर्चा शुरू की जाती है। उस चर्चा के लिए भी चार दिन का प्रावधान किया गया है। लेकिन भाजपा कोई नियम-परंपरा नहीं मानती। यह गलत है।सदन चलाने की जिम्मेदारी सरकार की: एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सरकार की है। विपक्ष पर आरोप नहीं लगाया जा सकता है कि हंगामे की वजह से सत्र की अवधि कम कर दी गई। विपक्ष का काम ही सदन में जनता के सवालों को उठाना है। यदि जवाब नहीं मिलेगा तो विपक्ष को वैल में आना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि सदन को समन्वय के साथ चलाए और विपक्ष जिस विषय को उठाता है उसे भी सकारात्मक सोच के साथ सुने और उस पर अमल करे।

