Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • बागेश्वर
  • भोजन माताओं को दी गई नई जिम्मेदारी
  • बागेश्वर

भोजन माताओं को दी गई नई जिम्मेदारी

RNS INDIA NEWS 17/07/2021
default featured image

बागेश्वर। जिले की भोजन माताओं को विभाग ने अब खाना बनाने के अलावा नई जिम्मेदारी दी है। कोरोना के चलते विद्यालय बंद होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। भोजन माताएं अब विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार कर उसमें सब्जी आदि का उत्पादन करेंगी। इसके लिए उन्हें नियमित विद्यालय जाना होगा। जो माताएं ऐसा नहीं करेंगी उन्हें मानदेय लेने में परेशानी हो सकती है। मालूम हो कि प्राथमिक कक्षाओं से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को स्कूल में मध्याह्न भोजन दिया जाता है। कोरोना के चलते विद्यालय लंबे समय से बंद हैं। आठ तक पढऩे वाले बच्चों को मिड-डे मील की राशि और चावल दिया जा रहा है। इस कारण भोजन माताएं भोजन नहीं बना रही हैं।
अब विभाग पोषण किचन गार्डन तैयार करेगा। कई विद्यालय में इस तरह का प्रयास हो रहा है, लेकिन अब हर विद्यालय में इसे तैयार किया जाएगा। विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है, जबकि भोजन माताओं को नियमित मानदेय दिया जा रहा है। पहले विभाग ने शिक्षकों को 12 जुलाई से स्कूल में उपस्थित होकर ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश दिए थे। साथ ही भोजन माताओं केा मध्याह्न योजना के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा भत्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। खाना नहीं बनने के कारण अब भोजन माताओं को नई जिम्मेदारी दी जा रही है।
1076 भोजन माताएं हैं जिले में कार्यरत: प्राथमिक, जूनियर हाइस्कूल तथा इंटर कॉलेज में मध्याह्न भोजन बनाता है। इसके लिए जिले में 1076 भोजन माताएं तैनात की हैं। इन पर कक्षा एक से आठ तक बच्चों के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी है। मीनू के अनुसार ही भोजन तैयार किया जाता है। अब नई जिम्मेदारी कैसे निभाती है यह सब समय आने पर ही पता चल पाएगा।

ये काम करेंगी भोजनमाताएं
1. खाद्य सुरक्षा भत्ता वितरण करने में सहयोग
2. समय-समय पर किचन कम स्टोर, किचन उपकरण एवं किचन परिसर की सफाई
3. विद्यालय में किचन गार्डन तैयार कर उसमें पौष्टिक सब्जी उत्पन्न करना।
जिले की सभी भोजन माताओं को जो जिम्मेदारी दी है उसका पालन करने के लिए सभी उपशिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। कोरोना के चलते विद्यालय बंद होने के कारण यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें नियमित मानदेय भी मिल रहा है। -पदमेंद्र सकलानी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, बागेश्वर।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: एसएसजे विश्वविद्यालय के शिक्षा, विधि के छात्रों के परीक्षा फॉर्म आवेदन 19 जुलाई से शुरू
Next: छात्रों ने की ऑनलाइन आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग

Related Post

default featured image
  • बागेश्वर

ड्यूटी के दौरान सीने में उठा दर्द, उपचार के दौरान मौत

RNS INDIA NEWS 27/12/2025 0
default featured image
  • बागेश्वर

48 घंटे में चोरी की स्कूटी बरामद, आरोपी गिरफ्तार कर भेजा जेल

RNS INDIA NEWS 20/12/2025 0
default featured image
  • बागेश्वर

केमू बस-पिकअप की टक्कर, बच्चों में मची चीख पुकार

RNS INDIA NEWS 16/12/2025 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 16 जनवरी
  • 11वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
  • देह व्यापार मामले में महिला को छह माह का कारावास
  • उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी
  • विक्रम और ड्राइवरों का सत्यापन अभियान शुरू
  • सड़क सुरक्षा माह के तहत चौखुटिया और सोमेश्वर में निकाली जागरूकता बाइक रैली

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.