
न्यूयॉर्क । किसान आंदोलन के नाम पर भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश खुलकर सामने आ गई है। इस षड्यंत्र को सफल बनाने में स्वीडन की 18 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने पूरी ताकत लगा दी है। बेहद शातिर तरीके से उसने तिथि और समय पर आंदोलन व घेराव करने की साजिश रची है।
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दरअसल थनबर्ग ने एक दस्तावेज जारी किया है, जिसमें उसने आरएसएस और भाजपा को फासीवादी सत्ताधारी दल बताया है। इस दस्तावेज का शीर्षक है हैशटैग आस्कइंडियाव्हाई। भारत को बदनाम करने के इस दस्तावेजी हथियार में किसान आंदोलन को उग्र बनाने का पूरा खाका खींचा गया है।
ट्विटर के जरिये ग्रेटा थनबर्ग ने सरकार विरोधी ताकतों को भडक़ाने और उकसाने की पुरजोर कोशिश की है। ‘हैशटैग आस्कइंडियाव्हाई क्या आप मानव इतिहास के सबसे बड़े आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।’
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ट्वीट कर लोगों से देश में अशांति पैदा करने के लिए इस आंदोलन को भडक़ाने की अपील की। उसने लोगों से अपील की है कि 4 और 5 फरवरी को 11 बजे से दिन के 2 बजे तक ट्विटर पर तूफान मचा दें।
साथ ही कहा कि वे सरकारी अधिकारियों से फोन पर या मेल के जरिये कार्रवाई करने को कहें। ऑनलाइन याचिका दायर कर अडानी-अंबानी जैसे एकाधिकारवादियों पर कार्रवाई करने का दबाव बनाएं।
यदि आप पर्यावरण विशेषज्ञों से स्थानीय परिप्रेक्ष्य में चीजों को समझने के लिए कोई सेमिनार करना चाहते हैं तो उक्त ईमेल पर हमसे संपर्क करें। इसके अलावा भारतीय दूतावास, मीडिया संस्थान और स्थानीय सरकारी दफ्तरों के करीब 13-14 फरवरी 2021 को आंदोलन करें और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया और हमारे साथ साझा करें।

