
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने राजकीय चारा एवं बीज उत्पादन प्रक्षेत्र भैंसवाड़ा का पुनः स्थलीय निरीक्षण कर निर्माणाधीन गौशाला सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व भी उन्होंने इस प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया था। बुधवार को किए गए निरीक्षण में उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन गौशाला के कार्यों का अवलोकन किया तथा चयनित स्थल की उपयुक्तता पर भी संतोष जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि गौशाला बनने से निराश्रित गोवंश को आश्रय मिलेगा और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देशित किया कि संसाधनों का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए और उपयुक्त स्थान पर ही निर्माण कार्य कराया जाए। साथ ही नए चयनित स्थल पर गौशाला निर्माण का आगणन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने पशुपालन विभाग की अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की और विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने विभाग के प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर पिछले वर्ष आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने को कहा और केंद्र की उपयोगिता स्पष्ट करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

