
देहरादून(आरएनएस)। बैंक में बंधक प्लाट बेचने की डील कर मुजफ्फरनगर, यूपी के एक शिक्षक से बीस लाख रुपये से अधिक ठग लिए गए। रकम ऐंठने के बाद आरोपी बैनामा करने से मुकर गया। रायपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसओ रायपुर गिरीश नेगी ने बताया कि अवध विहार कॉलोनी, मुजफ्फरनगर (यूपी) निवासी ओम गोयल ने बताया कि वह पेशे से शिक्षक हैं। वर्ष 2018 में उनका बेटा देहरादून के नेशविला रोड स्थित एक पीजी में रहकर पढ़ाई करता था। इसी दौरान उनकी मुलाकात पीजी संचालक विभोर कुमार निवासी डंगवाल मार्ग, नेशविला रोड से हुई। दिसंबर 2023 में विभोर ने उन्हें लोअर तुनवाला में अपनी जमीन में से 85.5 गज का प्लॉट 20.53 लाख रुपये में बेचने का प्रस्ताव दिया। सौदा तय होने पर ओम गोयल ने टोकन मनी और चेक के माध्यम से भुगतान किया। तीन जनवरी 2024 को दोनों के बीच कचहरी में एग्रीमेंट भी हो गया। ओम गोयल के अनुसार इसके बाद जब वे प्लॉट पर गए, तो वहां आए कुछ लोगों से उन्हें पता चला कि इस जमीन पर पहले से कैनरा बैंक का लोन चल रहा है। जब शिक्षक ने विभोर से सख्ती से पूछताछ की और अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने बेटी के कॉलेज में दाखिले और आर्थिक तंगी का हवाला देकर उन्हें भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया। आरोपी ने एक नया हाथ से लिखित अनुबंध किया और भरोसा दिया कि वह किश्तों में पैसे लेकर प्लॉट का लोन चुका देगा और वहां दो मकान बनाकर मुनाफा साझा करेगा या एक मकान शिक्षक के नाम कर देगा। भरोसे में आकर ओम गोयल ने बैंक से लोन लेकर 19 लाख रुपये का और भुगतान कर दिया। कुल 20.53 लाख रुपये लेने के बाद विभोर ने न तो कैनरा बैंक का 13.75 लाख का लोन चुकाया और न ही मकान बनाए। उसने पीड़ित के रुपयों से अपना बंद पड़ा पीजी दोबारा शुरू कर लिया और एक नई ट्रेडिंग कंपनी खोल ली। शिक्षक का आरोप है कि जब उन्होंने देहरादून आकर अपने रुपये और प्लॉट की रजिस्ट्री की मांग की तो आरोपी ने कहा कि प्रॉपर्टी के रेट बढ़ गए हैं। उसने बैनामा करने के एवज में 14 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे। साथ ही धमकी दी कि अगर उसे दोबारा फोन किया तो वह यह प्लॉट किसी माफिया को बेच देगा, जिसके बाद माफिया गैंग ही उनसे निपटेगी। एसओ नेगी ने बताया कि आरोपी विभोर कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बैंक के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है।

