अभियान में हटाए गए फड़ व्यापारी बेमियादी धरने पर बैठे

रुद्रपुर। शुक्रवार को नेशनल हाईवे 87 पर डीडी चौक से मंडी तक अतिक्रमण हटाए जाने के बाद यहां से हटाए गए फड़ व्यापारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने जी-20 की आड़ में बिना उनके पुनर्वास की व्यवस्था किए उनको हटा दिया है। उन्होंने कहा कि फड़ व्यापारी दशकों से इस स्थान पर व्यापार करते आ रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई से 50 से अधिक परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। उन्होंने प्रशासन से हाईवे से थोड़ा अंदर व्यापारियों को जगह देने की मांग की है। मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहने की चेतावनी दी है। जी-20 में पहुंच रहे मेहमानों के रामनगर जाने के लिए रुद्रपुर से प्रस्तावित मार्ग में सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीडी चौक से मंडी तक अतिक्रमण के दायरे में आ रहे 50 से अधिक फड़ और दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस बीच मेयर रामपाल सिंह ने फड़ व्यापारियों की पैरवी करते हुए अतिक्रमण अभियान को रोकने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने मेयर की भी नहीं सुनी और अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहा। शनिवार को फड़ व्यापारी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस दौरान फड़ व्यापारियों ने कहा कि कुछ समय पूर्व प्रशासन ने उन्हें होली के बाद फड़ों को हटाने को कहा था। होली के बाद फड़ों के हटाए नहीं जाने पर प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटा दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारी दशकों से इस क्षेत्र में व्यापार करके अपना घर चला रहे हैं। दशकों से व्यापारियों ने अपनी इसी स्थान में पहचान बनाई है। अन्य स्थानों में भेजने से व्यापारियों का कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने प्रशासन से फड़ व्यापारियों को हाईवे से थोड़ा दूर जगह देने की मांग की है। साथ ही मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहने की चेतावनी दी है। इस दौरान फड़ व्यापारी हरि सिंह, विक्की गांधी, हीरा लाल, रोहित कुमार, सोनू प्रजापति, शकील अहमद, फरदीन खान, गोपाल बाबू, विजय चौपड़ा, दिनेश कुमार, जलील अहमद, प्रवीन कुमार, महेश सागर समेत कई लोग मौजूद रहे।


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