
रुड़की। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और सैन्य कर्मियों में टकराव हो गया। सूचना पर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस और खूफिया विभाग मौके पर पहुंचा। मामला बढ़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से निर्माण कार्य कराने की मांग की है। बंघेड़ी महावतपुर का मुख्य मार्ग हजारों की आबादी की आवाजाही का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से बंघेड़ी, जलालपुर, टोडा, कल्याणपुर, जौरासी, खटका और नंदा कॉलोनी आदि की करीब एक लाख की आबादी जुड़ी है। रोजाना हजारों की संख्या में ग्रामीण दिन-रात इस मार्ग का उपयोग करते हैं। सालों से मार्ग खस्ताहाल है। ग्रामीणों के अनुसार मंडी समिति की ओर से बंघेड़ी महावतपुर के मुख्य मार्ग के निर्माण कार्य का टेंडर हो गया था। लेकिन हमेशा विवादों में घिरा मुख्य मार्ग बन नहीं पाया। पूर्व में भी निर्माण कार्य को लेकर कई बार सैन्य कर्मी और ग्रामीणों में विवाद हो चुका है। शनिवार को ठेकेदार के साथ मजदूर गांव के मुख्य मार्ग पर पहुंचे। मजदूरों ने सड़क किनारे की घास को साफ करना शुरू कर दिया। इस बीच सैन्य कर्मी को मुख्य मार्ग के निर्माण की सूचना मिली तो उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। सैन्य कर्मी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने निर्माण कार्य को रोकना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो भारी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण और सैन्य कर्मी निर्माण कार्यों को लेकर आपस में टकरा बैठे। कुछ ही मिनटों में मौके पर हंगामा शुरू हो गया। मामला बढ़ता देख किसी ने सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस और खुफिया विभाग भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। चौधरी परशुराम, देवीराम, सलीम, आरिफ बाबा, रविंद्र चौधरी, शमशाद, राजू थापा, अर्जुन, सतपाल, सोनू और जावेद आदि ग्रामीणों ने बताया कि सालों से गांव का मुख्य मार्ग खस्ता हाल में है। कई बार उन्होंने स्वयं भी निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया। लेकिन सैन्य कर्मी हर बार निर्माण कार्य में रुकावट पैदा कर देते हैं। सालों से मार्ग के सही नहीं होने से आए दिन ग्रामीण चोटिल भी हो रहे हैं। इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर सैन्य कर्मियों और ग्रामीणों में विवाद हो गया था। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया।

