

देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू और उनके भतीजे सतेंद्र राठौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कराया है। लंबे समय से फरार चल रहे गिरधारी लाल साहू की तलाश में पुलिस उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दबिश दे चुकी है। वहीं, मामले में सतेंद्र राठौर की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
जानकारी के अनुसार, रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी ने जांच के दौरान संबंधित कंपनियों के दस्तावेजों और उनके संचालन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
जांच के दौरान पुलिस को पांच कंपनियों से जुड़े कुछ दस्तावेजों की फोटोकॉपी मिली थी, लेकिन कंपनियों के मूल दस्तावेज अब तक बरामद नहीं हो सके हैं। एसआईटी ने इन दस्तावेजों को रेखा आर्या के सामने रखा था, लेकिन उन्होंने उनकी प्रमाणिकता स्वीकार नहीं की थी।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि रेखा आर्या को कंपनी के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाया गया था। इसके बाद पुलिस ने गिरधारी लाल साहू के साथ सतेंद्र के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी कराया है।
पुलिस अब दोनों की तलाश के साथ ही मामले से जुड़े कंपनियों के मूल दस्तावेज बरामद करने में जुटी है।



