

देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज की छात्रावास मेस और कैफेटेरिया में खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। बुधवार को खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के औचक निरीक्षण में गर्ल्स हॉस्टल के स्टोर रूम में जीवित कॉकरोच, खिड़कियों और दरवाजों पर जालियों की कमी तथा कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पानी की जांच रिपोर्ट नहीं मिली। खामियों के चलते संबंधित मेस और कैफेटेरिया को सुधार होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीम ने बॉयज मेस, गर्ल्स मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। दोनों मेस में अनिवार्य पेस्ट कंट्रोल और खाद्य जांच से जुड़े दस्तावेज भी नहीं मिले। कैटरर के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं पाया गया। टीम ने खुले में रखी हल्दी, दही और तैयार छोले के नमूने जांच के लिए भेजे। कैफेटेरिया से तैयार दाल और डिलीशियस फैट स्प्रेड के नमूने भी लिए गए।
देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन के निरीक्षण में भी खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पानी की जांच रिपोर्ट नहीं मिली। यहां से दाल मखनी मसाला, राजमा मसाला, तैयार अरहर दाल और पालक-आलू की सब्जी के नमूने लिए गए। नंदा की चौकी स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना भी जांच के लिए लिया गया। अभियान में कुल 10 संदिग्ध नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान आगे भी जारी रहेगा।



