

अल्मोड़ा। वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत रविवार को बिनसर वन्यजीव विहार में साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम ‘Connecting habitats, thriving wildlife’ रखी गई है। इसी थीम के अनुरूप आयोजित रैली के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवासों को जोड़ने और जैव-विविधता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
रैली का शुभारंभ बिनसर प्रवेश द्वार से हुआ। प्रतिभागियों ने साइकिल से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए बिनसर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस तक पहुंचकर रैली का समापन किया। रैली में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश प्रमुखता से दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जयमित्र बिष्ट उपस्थित रहे।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता पर जोर
आयोजन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने और विभिन्न आवास क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क बनाए रखने के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा। वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और आपस में जुड़े प्राकृतिक आवास उनकी आवाजाही तथा पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
साइकिल रैली के माध्यम से लोगों को प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलने और वन क्षेत्रों एवं वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। आयोजन में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और जैव-विविधता को बचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
वन्यजीव सप्ताह में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन
वन्यजीव सप्ताह के दौरान वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। बिनसर में आयोजित साइकिल रैली भी इसी जागरूकता अभियान का हिस्सा रही। प्राकृतिक परिवेश के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखण्डी ने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए केवल वन क्षेत्रों की सुरक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्राकृतिक आवासों और उनके बीच मौजूद संपर्क क्षेत्रों को भी सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में आम लोगों की भागीदारी और जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वन्यजीवों, उनके आवास, जैव-विविधता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की।
