

अल्मोड़ा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन जनपद अल्मोड़ा की ओर से उत्तराखंड में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और आगामी विधानसभा चुनाव के कांग्रेस घोषणा-पत्र में इसे प्रमुखता से शामिल करने की मांग को लेकर कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन एवं विधायक भुवन कापड़ी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संगठन ने कहा कि उत्तराखंड में 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सरकारी शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से बाहर कर एनपीएस के अंतर्गत लाया गया। संगठन ने वर्तमान पेंशन व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी उठाईं। NMOPS ने मांग की कि आगामी विधानसभा चुनाव के कांग्रेस घोषणा-पत्र में उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। संगठन ने सरकार बनने की स्थिति में हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा किए जाने का संकल्प भी घोषणा-पत्र में शामिल करने का आग्रह किया। संगठन के अनुसार पुरानी पेंशन केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि शिक्षक-कर्मचारियों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। संगठन ने कहा कि इस मांग को घोषणा-पत्र में समयबद्ध निर्णय और पहली कैबिनेट में घोषणा के स्पष्ट संकल्प के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। कहा कि संगठन लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के समक्ष रखता रहा है। संगठन ने मेनिफेस्टो कमेटी से मांग को घोषणा-पत्र तैयार करते समय गंभीरता से शामिल करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संरक्षक डॉ. मनोज जोशी, जिलाध्यक्ष गणेश सिंह भंडारी, जिलामंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, प्रांतीय कोर कमेटी सदस्य धीरेन्द्र पाठक, जिला कोषाध्यक्ष दीपक तिवारी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष राजू माहरा, त्रिलोक रावत, हवालबाग संरक्षक संजय जोशी, डॉ. ललित पाठक, हीरा सिंह डोबाल, मदन भंडारी, तारा बिष्ट, जिला मीडिया प्रभारी नितेश कांडपाल एवं जीवन साह सहित NMOPS के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

