
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा ने वीएल सब्जी मटर-13 के उत्पादन और विक्रय के लिए मैसर्स आलोक देवा सीड्स, जालौन, उत्तर प्रदेश के साथ 1 अक्टूबर को लिखित समझौता किया है। इस समझौते से वीएल सब्जी मटर-13 के बीज का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाएगा, जिससे किसानों को इसकी पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। संस्थान के अनुसार वीएल सब्जी मटर-13 उत्तराखंड में खेती के लिए अधिसूचित जल्दी पकने वाली किस्म है। इसकी फलियां आकर्षक और लंबी होती हैं, जिनमें 9 से 10 बीज पाए जाते हैं। यह ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में अगस्त में बोई जाने वाली बेमौसमी खेती के लिए उपयुक्त वैकल्पिक किस्म है। मैदानी क्षेत्रों में भी इसे उपयुक्त पाया गया है। समझौते का प्रमाणपत्र संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने मैसर्स आलोक देवा सीड्स के प्रतिनिधि आलोक मिश्रा को प्रदान किया। इस अवसर पर आईटीएमयू के चेयरमैन डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ मौजूद रहे। आलोक मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संस्थान के अनुसार वीएल सब्जी मटर-13 की बढ़ती मांग को देखते हुए यह तीसरी फर्म है, जो इस प्रजाति के लाइसेंस के लिए आगे आई है। समझौते के बाद मैसर्स आलोक देवा सीड्स द्वारा बड़े स्तर पर बीज उत्पादन किया जाएगा, जिससे देश के किसानों को इस किस्म का बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकेगा।
