
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम को लेकर शुरू हुआ विवाद बुधवार दोपहर तक चलता रहा। पहली मतगणना में एक मत से भास्कर जोशी को विजयी घोषित किया गया, लेकिन पुनर्मतगणना में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के मत बराबर आने के बाद लॉटरी से सुमित जोशी को विजेता घोषित किया गया। परिणाम से असंतुष्ट छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। बुधवार को पूर्व उप सचिव दीपक तिवारी आमरण अनशन पर बैठ गए और आक्रोशित छात्रों ने कुलपति का घेराव कर नारेबाजी की। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराने का निर्णय लिया। मंगलवार को एसएसजे परिसर में छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हुआ था। शाम को मतगणना के बाद उपाध्यक्ष पद पर भास्कर जोशी को 959 मत मिले, जबकि सुमित जोशी पुत्र हेमंत कुमार जोशी को 958 मत प्राप्त हुए। सुमित जोशी पुत्र चंद्रशेखर कुमार जोशी को 51 मत मिले। पहली मतगणना के आधार पर भास्कर जोशी को एक मत से विजयी घोषित किया गया। इसके बाद सुमित जोशी के समर्थकों ने पुनर्मतगणना की मांग की। पुनर्मतगणना में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के मत बराबर आने से मामला फिर उलझ गया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया के तहत लॉटरी कराई गई। लॉटरी में सुमित जोशी के नाम की पर्ची निकलने पर उन्हें उपाध्यक्ष पद पर विजयी घोषित किया गया। इसके बाद येलो आर्मी के समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया और मतगणना पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। छात्र रातभर परिसर में धरने पर बैठे रहे। बुधवार को विरोध और तेज हो गया। पूर्व सह सचिव दीपक तिवारी आमरण अनशन पर बैठ गए। इसके बाद आक्रोशित छात्र एसएसजे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे और कुलपति का घेराव कर नारेबाजी की। पुलिस, जिला प्रशासन और महाविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया। जांच के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। आमरण अनशन पर बैठे दीपक तिवारी को कुलानुशासक डॉ. धनी आर्या ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। मामले की जांच के लिए प्रो. जगत सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में अधिवक्ता चामू सिंह घस्याल, प्रो. गिरीश चंद्र साह और प्रो. अरशद हुसैन को सदस्य बनाया गया है। समिति चुनाव प्रक्रिया, मतगणना और लॉटरी से परिणाम घोषित किए जाने से जुड़े तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी। एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रवीण बिष्ट ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।

