
विकासनगर। उत्तराखंड के गौरवशाली अतीत की पहचान रहे कत्यूरी राजवंश का नाम शराब की बोतल पर छपने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सदियों पुरानी ऐतिहासिक विरासत को मदिरा ब्रांड से जोड़ने पर सांस्कृतिक संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों ने कत्यूरी नाम के व्यावसायिक इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है।
प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, गढ़वाल विवि के प्रो. राकेश भट्ट ने कहा कि कत्यूरी नाम उत्तराखंड की ऐतिहासिक अस्मिता से जुड़ा है। ऐसे वैभवशाली राजवंश के नाम पर शराब का ब्रांड निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह उत्तराखंड के ऐतिहासिक वैभव का अपमान है।
शिक्षाविद एवं पूर्व प्रांत बौद्धिक प्रमुख आरएसएस भजन सिंह खत्री ने कहा कि कत्यूरी नाम आज की युवा पीढ़ी को उत्तराखंड के गौरवशाली अतीत से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि इस नाम को शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और विरासत संरक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाना अधिक सार्थक होगा।
उन्होंने कहा कि संस्कृति और इतिहास केवल बाजार के मुनाफे की पहचान नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की साझा धरोहर हैं। ऐसे संवेदनशील ऐतिहासिक नामों के व्यावसायिक उपयोग पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। शराब की बोतलों पर कत्यूरी नाम के प्रयोग को उन्होंने पूरे उत्तराखंड के लिए अपमानजनक बताया।
