
देहरादून। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने तहसील चौक पर नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। इसके बाद तहसील परिसर पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। ऐसे ही विरोध प्रदर्शन देहरादून समेत उत्तराखंड के अन्य स्थानों पर भी सोमवार को हुए।
कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह करीब 11 बजे जिला अध्यक्ष संजय किशोर के कार्यालय पर एकत्र हुए और जुलूस के रूप में तहसील चौक पहुंचे। यहां निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी और पुतला दहन किया गया। इसके बाद कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे, जहां तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर आम मतदाताओं के बीच चिंता का माहौल है। उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में भेदभाव की शिकायतों का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने की आशंका पैदा हो रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
पूर्व मंत्री नवप्रभात ने आरोप लगाया कि विपक्ष से जुड़े मतदाताओं को कथित रूप से चिन्हित करने और मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम हटाने के लिए एक ही व्यक्ति द्वारा आपत्तियां दाखिल किए जाने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मंडी समिति के पूर्व सभापति विपुल जैन ने कहा कि निर्वाचन आयोग को संविधान के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर औपचारिक जांच की मांग की।
प्रदर्शन में जिला महासचिव राजीव शर्मा, जिला पंचायत सदस्य पिंकी रोहिल्ला, फतेह आलिम, इशिता सेढ़ा, डिंपल, शम्मी प्रकाश, सुनील शर्मा, अभिनव ठाकुर, बॉबी नौटियाल, अतुल शर्मा, आशीष पुंडीर, विकास शर्मा, सलीम अहमद, हरीश ग्रोवर, जीशान अली, राहुल वर्मा, मोहित बिष्ट, जितेंद्र रावत, रोहित, असद खान, नौशाद अली, अभिषेक गर्ग, वैभव गुप्ता, नासिर, रिंकू कन्नौजिया, देवानंद पासी, बलजीत सिंह, अनस, मुनीर, नीरज रोहिल्ला, चौधरी जगमाल, गुमान सिंह, नीतीश मौर्य, इसरार, अभि, राजन, भूपेश उपाध्याय और सुरेश राणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

