
बागेश्वर। बागेश्वर जनपद के काफलीगैर में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को शासन से मंजूरी मिल गई है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के बाद शासनादेश जारी कर दिया गया है। महाविद्यालय के संचालन के लिए शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के कुल 18 पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक महाविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है, ताकि छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में काफलीगैर में नए राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
स्वीकृत 18 पदों में प्राचार्य, हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र और संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर, पुस्तकालयाध्यक्ष, वरिष्ठ सहायक, पुस्तकालय लिपिक और बुक लिफ्टर के एक-एक पद शामिल हैं। इसके अलावा कनिष्ठ सहायक, अनुसेवक तथा स्वच्छक कम चौकीदार के दो-दो पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 13 पद नियमित और पांच पद आउटसोर्स के हैं।
मंत्री ने बताया कि सृजित पदों के सापेक्ष विभागीय स्तर पर नियमानुसार नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। महाविद्यालय का संचालन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप किया जाएगा। प्रोफेशनल और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए यूजीसी और एआईसीटीई से आवश्यक मान्यता प्राप्त करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
डॉ. रावत ने कहा कि काफलीगैर में महाविद्यालय की स्थापना की मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। महाविद्यालय खुलने से स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जल्द ही महाविद्यालय को भूमि और भवन उपलब्ध कराया जाएगा। नवीन महाविद्यालय भवन में छात्र-छात्राओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार किया जाएगा।
