
रुद्रपुर(आरएनएस)। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) संगीता आर्य की अदालत ने नाबालिग साली से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रुद्रपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि उसकी पांच पुत्रियां और एक पुत्र है। सबसे बड़ी बेटी की शादी 21 नवंबर 2019 को शाहजहांपुर निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद वह बेटी को लेकर रुद्रपुर में ही किराये पर रहने लगा। नौ फरवरी 2020 को उसकी बड़ी बेटी ससुराल गई थी। आरोप था कि इस दौरान उसका दामाद उसकी नाबालिग पुत्री को माल घुमाने के बहाने अपने किराए के कमरे पर ले गया। आरोप था कि उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने और परिवार को खत्म करने की धमकी दी। इसके बाद नाबालिग ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी जीजा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) संगीता आर्य की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक उमेश कुमार गुप्ता ने आठ गवाह पेश किए। अदालत ने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
