
चमोली। बदरीनाथ धाम में बुधवार को वामन द्वादशी के अवसर पर माता मूर्ति उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान बदरी विशाल के बाल भोग के बाद सुबह 10 बजे भगवान के प्रतिनिधि और सखा उद्धव की डोली के साथ बदरीनाथ मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी, वेदपाठी आचार्य और मंदिर समिति के अधिकारी माता मूर्ति मंदिर माणा के लिए रवाना हुए। इसके चलते सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक पांच घंटे बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे।
पौराणिक परंपरा के अनुसार भगवान बदरीविशाल की ओर से माता मूर्ति की कुशलक्षेम जानने के लिए भगवान के प्रतिनिधि और सखा उद्धव हर वर्ष वामन द्वादशी पर माता मूर्ति मंदिर पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान माणा गांव की महिला मंडली ने जौ की हरियाली भेंट कर उद्धव की देवडोली, रावल और अन्य श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस अवसर पर भगवान बदरीनाथ को दिन में लगने वाला भोग भी माता मूर्ति मंदिर में लगाया गया।
पूजा-अर्चना के बाद अपराह्न तीन बजे उद्धव की डोली वापस बदरीनाथ मंदिर पहुंची और मंदिर में पुन: विराजमान हुई। इसके बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने वामन द्वादशी पर श्रद्धालुओं को माता मूर्ति उत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि माता मूर्ति उत्सव अनादिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपरा है।
इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सलाहकार माधव सेमवाल, सदस्य विनीत पोस्ती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, ग्राम प्रधान माणा पीतांबर मोल्फा, वेदपाठी डॉ. रवींद्र भट्ट, माता मूर्ति मंदिर के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी सहित कई लोग मौजूद रहे।
