
अल्मोड़ा। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रति छात्राओं और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजा आनंद सिंह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में श्रमजीवी पत्रकार संगठन एवं पैलाग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आरटीआई के प्रावधानों, इसके प्रभावी उपयोग और नागरिकों के अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम केवल सरकारी सूचनाएं प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है। छात्राओं से इस अधिकार का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने का आह्वान भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रियंका राणा ने प्रथम, हर्षिता जोशी ने द्वितीय, लक्ष्मी बिष्ट ने तृतीय, निशिता अधिकारी ने चतुर्थ तथा दिया कोहली ने पंचम स्थान प्राप्त किया। मुख्य वक्ता राजेंद्र सिंह बिष्ट तथा नैनीताल उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी ने छात्राओं को दैनिक जीवन में सूचना के अधिकार अधिनियम की उपयोगिता समझाई। अधिवक्ता तिवारी ने सरल उदाहरणों के माध्यम से सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया, नागरिकों के अधिकार और कानून के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों एवं अन्य वक्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सूचना के अधिकार अधिनियम की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रभारी प्रधानाचार्य सौम्या टम्टा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से प्राप्त ज्ञान को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने आयोजन के लिए श्रमजीवी पत्रकार संगठन एवं पैलाग फाउंडेशन का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष जगजीवन सिंह बिष्ट ने की, जबकि संचालन दया कृष्ण कांडपाल ने किया। इस अवसर पर दया कृष्ण कांडपाल, गोपेश उप्रेती, दिनेश भट्ट, दयानंद कठैत, प्रकाश पांडे, संगठन के संरक्षक संजय अग्रवाल, अधिवक्ता नीमा आर्या सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी सूचना का अधिकार अधिनियम सहित नागरिकों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

