
अल्मोड़ा। नगर के श्री लक्ष्मी भंडार स्थित हुक्का क्लब में कवयित्री एवं शिक्षिका प्रेमा गड़कोटी के प्रथम काव्य संग्रह ‘इजा और चौमास’ का लोकार्पण साहित्यिक गरिमा के बीच किया गया। इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोकजीवन, प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार नीरज पंत ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि प्रेमा गड़कोटी की कविताएं सहज भाषा में जीवन के यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं। उनकी रचनाओं में कुमाऊंनी भाषा, लोकसंस्कृति और ग्रामीण परिवेश की आत्मीय झलक मिलती है। विशिष्ट अतिथि प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि संग्रह में सामाजिक यथार्थ और आंचलिक जीवन की सशक्त अभिव्यक्ति है। अध्यक्ष त्रिभुवन गिरि ‘महाराज’ ने काव्य संग्रह की सराहना करते हुए इसे साहित्य जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कवयित्री प्रेमा गड़कोटी ने सभी साहित्यकारों और अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने काव्य संग्रह से चयनित रचनाओं का पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में संतोष गड़कोटी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में देवराव, हेमा आर्या ‘शिल्पी’, डॉ. डी.एस. बोरा, दिनेश चंद्र पांडे, मीनू जोशी, कमला बिष्ट ‘कमल’, बीना चतुर्वेदी ‘वीणा’, नीलम नेगी, नीरज पंत, ललित ‘योगी’, प्रो. एस.ए. हामिद तथा त्रिभुवन गिरि ‘महाराज’ सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम में विपिन जोशी ‘कोमल’, डॉ. रमेश लोहनी, संजय कुमार अग्रवाल, उदय किरौला, कंचन तिवारी सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

