
अल्मोड़ा। ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता, डिजिटल कौशल और सतत आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से भैंसियाछाना विकासखंड के ग्राम पंचायत डालाकोट (नगरखान) में सोमवार से पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 27 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 40 से अधिक महिला प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, उद्यमिता, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सुरक्षा, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सामाजिक विकास एवं प्रबंधन समिति (एसवीईपीएस), गोलना करड़िया द्वारा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और बेरोजगार युवतियों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, महिलाओं और बच्चों के पोषण, स्वस्थ जीवनशैली तथा शहद और मशरूम आधारित आजीविका के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उद्यमी के रूप में विकसित करने और सामूहिक प्रयासों से आय के नए स्रोत तैयार करने पर जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, मधुमक्खी पालन, सुरक्षित खाद्य उत्पादन, डिजिटल साक्षरता, स्मार्टफोन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग तथा स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। अंतिम चरण में महिलाओं को सतत आजीविका और स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसाय विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ पूरन सिंह कनवाल और शंभू दत्त जोशी मधुमक्खी पालन, यादवेंद्र शाह और पंकज आर्या मशरूम उत्पादन, भीम सिंह बगड़वाल उद्यमिता एवं स्वरोजगार तथा हिमांशु पंत डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बाजार विस्तार पर प्रशिक्षण देंगे।

