
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल (एएलएफ) के चौथे संस्करण के तहत ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की ओर से होटल शिखर सभागार में आयोजित स्लैम पोएट्री प्रतियोगिता में युवा रचनाकारों की प्रतिभा और संवेदनाओं का सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला। ‘मेरा पहाड़, मेरा घर’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के करीब 90 विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से पहाड़, समाज, सपनों और समकालीन मुद्दों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
प्रतियोगिता जूनियर (कक्षा 8 से 12) और सीनियर (कॉलेज) वर्ग में आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। आयोजन की विशेष उपलब्धि यह रही कि सभी 90 प्रतिभागियों की कविताओं का संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा, जिससे युवा रचनाकारों को स्थायी साहित्यिक मंच मिलेगा।
परिणामों में जूनियर वर्ग में जीआईसी की सौम्या जोशी ने प्रथम, शारदा पब्लिक स्कूल के वंश त्रिपाठी ने द्वितीय और बियर शीबा पब्लिक स्कूल के लक्ष्य जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा कविता मिश्रा, ललित मेहता, नयन दीप पंत, वैष्णवी जोशी, प्रतीक बिष्ट, मेघा बिष्ट और सोनी बिष्ट शीर्ष दस प्रतिभागियों में शामिल रहे। सीनियर वर्ग में एसएसजे परिसर के हिमांशु जोशी प्रथम और खुशी जोशी द्वितीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. आराधना शुक्ला, सी.एल. वर्मा, डॉ. जे.सी. दुर्गापाल और धीरेन्द्र पांडे शामिल रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. अरुण कलखुड़िया, डॉ. आस्था नेगी, डॉ. पुरन जोशी और नीरज पंत ने विषय-वस्तु, भाषा, अभिव्यक्ति और प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. वसुधा पंत ने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों में साहित्य और कविता के प्रति बढ़ते रुझान को उत्साहजनक बताते हुए सभी प्रतिभागियों, विद्यालयों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. दीपा गुप्ता, भूषण पांडे, दीपक जोशी, प्रो. एस.ए. हमीद, रचित पंत, मनोज गुप्ता, हर्षिता बिष्ट, शगुफ्ता अंसारी, अशोक पंत, पी.सी. तिवारी और क्रांति जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी पाठक ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में स्वयंसेवकों हिमानी बनौला, साक्षी आगरी, अमन, श्रद्धा और प्रियंका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

