
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (एमयूवाई) के तहत विकास भवन सभागार में आयोजित एमयूवाई-चौपाल में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने युवाओं और महिलाओं से उद्यमिता अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। रेखा आर्या ने कहा कि अल्मोड़ा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ अब उद्यमिता के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से युवाओं को स्थानीय संसाधनों और अपने कौशल के आधार पर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़कर मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना जरूरी है। एमयूवाई-चौपाल के माध्यम से लाभार्थियों को योजना की जानकारी देने के साथ उन्हें वित्तीय सहायता, विपणन और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को योजना का लाभ पात्र लोगों तक सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से किया, जिसमें अल्मोड़ा सहित प्रदेश के सभी जनपद वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, कुंदन लटवाल, महापौर अजय वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य महेश नयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


