
रुद्रपुर(आरएनएस)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने सोमवार को श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के बाद पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा को सौंपा। इसमें श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में बीएमएस ने अखिल भारतीय स्तर पर न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये, ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये और बोनस गणना की सीमा सात हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की मांग उठाई गई।
संघ ने न्यूनतम ईपीएस पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने, उस पर महंगाई भत्ता लागू करने और संपूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। साथ ही बोनस पात्रता की वेतन सीमा 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 42 हजार रुपये और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये करने की मांग की गई। ज्ञापन में आंगनबाड़ी, आशा और विभिन्न योजनाओं में कार्यरत संविदा एवं मानदेय कर्मियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को सख्ती से लागू करने और श्रम संहिताओं के श्रमिक-विरोधी प्रावधानों को हटाने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई। बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की भागीदारी तभी प्रभावी हो सकती है, जब उनकी आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकार सुनिश्चित हों। उन्होंने केंद्र सरकार से सभी मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष दीपेंद्र भट्ट, जिला मंत्री अजीत चौहान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ऋषिपाल, जिला उपाध्यक्ष गंगा सिंह, हर सिंह, निखिलेश जोशी, सुरेश कांडपाल, दीपक अलमिया, विक्रांत, भुवन सुयाल, हरीश, भैरव, किशोर पंत, आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश महामंत्री वृंदा, दमयंती चौपाल, गुरप्रीत कौर, ममता नैय्यर, भगवती और अजय समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व श्रमिक मौजूद रहे।

