
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) में ‘नकदी फसलों की उन्नत खेती’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया। निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में नौ गांवों के 26 किसानों, जिनमें 20 महिला किसान शामिल थीं, ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन हिमोत्थान सोसाइटी के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नकदी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक, जैविक और प्राकृतिक खेती, मूल्यवर्धन, मृदा एवं जल संरक्षण, रोग एवं कीट प्रबंधन, नर्सरी प्रबंधन तथा बेमौसमी सब्जी उत्पादन की जानकारी दी गई। इसके अलावा मशरूम उत्पादन, पारंपरिक पोषक अनाजों की उन्नत खेती और कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। समापन सत्र में फसल उत्पादन प्रभागाध्यक्ष डॉ. बी.एम. पांडेय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ-साथ लागत कम करना, बाजार से जुड़ाव और उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में नकदी फसलों की उन्नत खेती किसानों के लिए बेहतर आय का माध्यम बन सकती है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी किसानों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण का समन्वयन डॉ. कामिनी बिष्ट, डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मीणा ने किया। इस दौरान संस्थान के विभिन्न वैज्ञानिकों ने किसानों को तकनीकी जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
