
रानीखेत। देशप्रेम एवं राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सीमान्त मुख्यालय रानीखेत में वंदे मातरम अभियान के तहत देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों और युवाओं को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत सीमान्त मुख्यालय परिसर से लघु मैराथन दौड़ के साथ हुई। उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रह्मण्यम ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। मैराथन रानीखेत बाजार के मुख्य मार्ग और ऐतिहासिक तिरंगा चौक से होकर गुजरी। इसमें एसएसबी के अधिकारियों और जवानों ने उत्साह एवं अनुशासन के साथ प्रतिभाग किया। इसके बाद सीमान्त मुख्यालय परिसर में सामूहिक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन हुआ। इसमें एसएसबी के अधिकारियों और जवानों के साथ केंद्रीय विद्यालय, माउंट सनई, बियरसिवा और आर्मी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की। सामूहिक गायन से पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। उप महानिरीक्षक मुख्तार मोहसिन ने विद्यार्थियों, अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत बना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सीमान्त मुख्यालय में बाइक रैली और हर घर तिरंगा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रमण्यम, दुर्गा बहादुर सोनार, उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) चंद्रका हयाँकी, कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी, देबासिस पाल, द्वितीय कमान अधिकारी कुमार सुंदरम, उप कमांडेंट प्रभाकर, अधिशासी अभियंता जसवीर सिंह, सहायक कमांडेंट गोविंद सिंह बोरा, सहायक अभियंता रितेश कुमार सिंह समेत एसएसबी के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
