
रुद्रपुर(आरएनएस)। नीट-यूजी 2026 की काउंसिलिंग शुरू होने के साथ ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रवेश का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। पूर्व दर्जाधारी एवं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. गणेश उपाध्याय ने दोनों मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी के कारण मान्यता लंबित रहने का मामला उठाते हुए सरकार से तत्काल नियुक्तियां कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है। बुधवार को जारी बयान में डॉ. उपाध्याय ने कहा कि दोनों मेडिकल कॉलेजों के भवन और अधिकांश आधारभूत सुविधाएं तैयार हैं। इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद फैकल्टी की कमी के कारण कॉलेजों को अब तक आवश्यक मान्यता नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द नियुक्तियां कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दे तो प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या पांच से बढ़कर सात हो जाएगी। साथ ही एमबीबीएस की सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर नीट काउंसिलिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही राज्य स्तर की काउंसिलिंग भी शुरू होगी। ऐसे में सरकार के पास समय कम है। उन्होंने मांग की कि इसी शैक्षणिक सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश शुरू कराया जाए, ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
