
नई दिल्ली (आरएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने वाली युवती रुचिका सिंह के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी का कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने विरोध किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सामाजिक माध्यम एक्स पर पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसे आपराधिक न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग करार दिया।
सौरव दास ने अपने संदेश में लिखा कि रुचिका सिंह के खिलाफ आपराधिक कानून का गलत इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अपशब्द कहने मात्र से आपराधिक मामला नहीं बनता। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा के लगभग 50 प्रतिशत सांसदों के विरुद्ध आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें करीब 100 सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैं। उनके अनुसार, पुलिस को अपनी ऊर्जा ऐसे मामलों पर खर्च करनी चाहिए, न कि 25 वर्ष की एक युवती के खिलाफ।
उन्होंने कहा कि युवाओं को परेशान करना तत्काल बंद किया जाना चाहिए और सवाल उठाया कि इस देश में गाली देना कब से अपराध बन गया।
रुचिका सिंह का कथित रूप से प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो सामाजिक माध्यमों पर सामने आने के बाद गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने नोएडा के एक्सप्रेस-वे थाने में शून्य प्राथमिकी (जीरो एफआईआर) दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। रुचिका सिंह नोएडा के सेक्टर-168 की निवासी बताई गई हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थाना क्षेत्र को प्रेषित कर दिया है।
सौरव दास ने कहा कि एक युवती के विरुद्ध इस प्रकार की पुलिस कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि ऐसी कार्रवाई बंद की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को संबंधित टिप्पणी से आपत्ति है, तो वे चाहें तो मानहानि का दीवानी या विधिक उपाय अपना सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस प्रकरण को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

