
काशीपुर(आरएनएस)। एसओजी और गदरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात मुठभेड़ के दौरान गोकशी और पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी बदमाश मोईन कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में मोईन के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका एक साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, मोईन पुत्र यामीन कुरैशी निवासी चक्कर की मिलक, मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) गदरपुर क्षेत्र में गोकशी और पुलिस टीम पर फायरिंग की घटना के बाद से फरार चल रहा था। शुक्रवार रात एसओजी प्रभारी एसआई उमेश कुमार के नेतृत्व में एसओजी और गदरपुर पुलिस की टीम वांछित अपराधियों की तलाश में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि मोईन अपने एक साथी के साथ स्वार, रामपुर के रास्ते बाजपुर क्षेत्र में गोमांस की तस्करी के इरादे से आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने नेशनल हाईवे पर कनौरा दोराहा के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद स्वार की ओर से एक संदिग्ध बाइक आती दिखाई दी। पुलिस ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने रफ्तार बढ़ाकर बाजपुर की ओर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा किया तो आम के बाग के पास बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देख बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की ओर से तीन राउंड फायर किए गए। जवाब में पुलिस ने चार राउंड फायर किए। इस दौरान एक गोली मोईन के बाएं पैर में लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी भाग निकला। तलाशी में मोईन के कब्जे से एक अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की बाइक और करीब 17 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली बाजपुर में उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मोईन शातिर अपराधी है। वह पूर्व में भी गोकशी के मामले में हल्द्वानी से गिरफ्तार हो चुका है और करीब एक माह पहले ही हल्द्वानी जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से मुरादाबाद और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में गोकशी व तस्करी के धंधे में सक्रिय हो गया था। कार्रवाई करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी एसआई उमेश कुमार, प्रदीप शर्मा, दलीप सिंह, राजेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह, दिनेश रावत और एसओजी टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
