
अल्मोड़ा। नगर में पिछले एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति बाधित होने के विरोध में शुक्रवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए विभाग पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया।
यूकेडी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जिला योजना के तहत जल संस्थान को करोड़ों रुपये की धनराशि आवंटित की गई। इसके अलावा रखरखाव के लिए भी अलग से बजट दिया गया, लेकिन मानसून की हल्की बारिश के बाद ही नगर में पेयजल संकट गहरा गया है। उनका आरोप था कि करोड़ों रुपये की लागत से फिल्टर पंप लगाए जाने के बावजूद लोगों को मटमैला पानी मिल रहा है।
प्रदर्शन के दौरान यूकेडी ने स्थानीय विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिला एवं राज्य योजना की बैठकों में बजट आवंटन की जानकारी होने के बावजूद पेयजल संकट पर कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। संगठन ने कहा कि एक सप्ताह से नगर के कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यूकेडी ने अधिशासी अभियंता को चेतावनी दी कि यदि कोसी नदी में सिल्ट का हवाला देकर पेयजल आपूर्ति बाधित की गई तो संगठन आंदोलन तेज करेगा। साथ ही मांग की कि नगर के सभी घरों में पानी के मीटर लगाए जाएं और उपभोक्ताओं से वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल वसूला जाए। संगठन ने लोगों से भी अपील की कि मीटर व्यवस्था लागू होने तक वे केवल उतने ही दिनों का जलकर जमा करें, जितने दिन उन्हें पानी की आपूर्ति हुई है।
प्रदर्शन में यूकेडी के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, केंद्रीय संयुक्त सचिव त्रिलोक लटवाल, विनय किरौला, पान सिंह लाटवाल, अभिषेक बनौला सहित संगठन के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


