
अल्मोड़ा। जनपद में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां जिलाधिकारी अंशुल सिंह के नाम से एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस प्रोफाइल के माध्यम से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और स्वीकार होते ही मैसेज के जरिए व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक यूज़र ने उक्त प्रोफाइल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उस फर्जी अकाउंट से मैसेज आने लगे, जिनमें पहले मोबाइल नंबर मांगा गया। जैसे ही नंबर साझा किया गया, प्रोफाइल की ओर से अंग्रेजी में संदेश भेजा गया कि उनका एक परिचित, जो सीआरपीएफ कैंप में तैनात अधिकारी है, संपर्क करेगा और वह अपने घरेलू सामान व इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं सस्ते दामों पर बेच रहा है।

इस तरह के संदेश के जरिए लोगों को झांसे में लेकर संभावित ठगी की आशंका जताई जा रही है। खास बात यह भी सामने आई है कि इस फर्जी प्रोफाइल की टाइमलाइन पर जिलाधिकारी की असली फेसबुक आईडी से पोस्ट साझा किए गए हैं, जिससे यह अकाउंट देखने में वास्तविक प्रतीत होता है और आम लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्वयं इस प्रोफाइल को फर्जी बताते हुए इसकी पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार के किसी भी संदिग्ध फेसबुक अकाउंट से सावधान रहें और तुरंत उसे रिपोर्ट करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति या प्रोफाइल के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
प्रशासन की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने और सोशल मीडिया पर बढ़ती साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लेने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों के नाम पर बनाए जा रहे फर्जी प्रोफाइल आम लोगों का भरोसा जीतने का आसान तरीका बनते जा रहे हैं, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

