
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) अल्मोड़ा में समग्र शिक्षा के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2025-26 के अंतर्गत आयोजित ‘उत्तरा मॉड्यूल’ आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण एससीईआरटी उत्तराखंड, देहरादून के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के 12 मास्टर ट्रेनरों और 200 कोलोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। समापन दिवस के प्रथम सत्र में संदर्भदाता रमेश सिंह रावत ने वर्गीकरण विषय पर प्रतिभागियों के साथ चर्चा की। इसके बाद करुणा टम्टा ने संख्या पैटर्न पर विस्तार से जानकारी दी और मॉड्यूल से संबंधित गतिविधियां कराई गईं। द्वितीय सत्र में पुष्पा बोरा ने संख्या चिन्ह विषय पर व्याख्यान दिया, जिसके साथ प्रतिभागियों ने विभिन्न शिक्षण गतिविधियों में भाग लेते हुए नवाचार आधारित अधिगम सामग्री तैयार की और उसका प्रदर्शन भी किया। समापन सत्र में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा नीरज जोशी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक अवस्था के बच्चों को शिक्षा देना अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, जिसे पूरी लगन और समर्पण के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सहायक सामग्री और ‘जादुई पिटारा’ के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. हेमचंद्र जोशी ने सभी प्रतिभागियों और संदर्भदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान दमयंती धर्मसत्तू, गोपाल सिंह रावत, जगदीश चंद्र, गीता बिष्ट और हेमा बिष्ट सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और उत्तरा मॉड्यूल वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन रमेश सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर डिम्पल वर्मा, चंद्रकांता, मंजू डंगवाल, अनिल कांडपाल, अनीता टम्टा, बसंती भोज, सतरूपा बिष्ट और रेनू आर्या सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

