
हरिद्वार(आरएनएस)। जिला उद्योग केंद्र ने तीन उद्योग के स्वामियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही इन उद्योगों को आवंटित भूमि पर 15 दिन में उद्यम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। तय समय अवधि में भूमि पर उद्योग स्थापित नहीं करने पर इन उद्योगों को जारी भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उत्तम कुमार तिवारी ने तीन उद्योगों को नोटिस जारी किए है। तीन उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्र पीपली लक्सर में 0.42543 एकड़ भूमि का आवंटन उद्योग स्थापना के लिए साल 2004 में किया गया था। लेकिन करीब 12 साल बीतने के बाद भी तीनों उद्यमियों ने आवंटित भूमि पर उद्योगों का संचालन शुरू नहीं किया है। लंबी अवधि गुजरने के बाद भी भूमि पर उद्योगों शुरू नहीं होने की वजह से क्षेत्र में औद्योगिक विकास प्रभावित हो रहा है। तीनों उद्यमियों ने भूमि पर अनावश्यक कब्जा किया हुआ है। कई दफा नोटिस जारी करने के बाद भी उद्यमियों ने भूमि पर उद्योग लगाने का प्रयास नहीं किया। इस कारण जिला उद्योग मित्र की बैठक में विचार विमर्श के बाद इन तीनों उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए अंतिम नोटिस जारी कर भूमि पर उद्योग संचालित करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही उद्योग स्थापना की सूचना महाप्रबंधक कार्यालय जिला उद्योग केंद्र को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी हुए है। यह उद्योग लगने थे हरिद्वार(आरएनएस)। विश्वकर्मा बायोमास ब्रिकेटिंग एंड मिनरल वाटर कंपनी ने बायोमास कोलब्रिकेट उत्पादन के लिए भूखंड का आवंटन कराया था। बायोमास उत्पादन के लिए पीपली लक्सर में प्लॉट संख्या 28 से 40 तक 12 प्लॉट भूमि का आवंटन कंपनी को किया गया था। साथ ही जैन एंड कंपनी ने स्पोर्ट्स शू मैन्युफैक्चरिंग के लिए भूमि का आवंटन किया था। स्पोर्ट्स शू बनाने के लिए कंपनी की प्लॉट संख्या 16 से 19 तक चार प्लॉट का आवंटन हुआ था। वहीं अग्रवाल एंड एसोसिएट्स ने स्टील और आयरन फेब्रिकेशन के लिए भूमि आवंटित कराई थी। इस कंपनी की प्लॉट संख्या 20 से 23 तक चार प्लॉट का आवंटन किया गया था।

