
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में वनाग्नि रोकथाम पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने आगामी फायर सीजन के साथ ही शीतकालीन आग की संभावित घटनाओं को देखते हुए सभी विभागों को समय रहते तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि नियंत्रण में ग्रामीण सहभागिता सबसे प्रभावी शक्ति है, इसलिए महिला मंगल दलों, स्थानीय युवाओं और ग्राम स्तरीय समितियों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। बैठक के दौरान पर्यावरण कर्मी गजेंद्र कुमार पाठक ने वनाग्नि की चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति के माध्यम से आग लगने के कारणों, उसके प्रसार, नुकसान और रोकथाम की विभिन्न रणनीतियों पर विमर्श किया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने निर्देश दिए कि वनाग्नि नियंत्रण के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से निरंतर निगरानी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विकासखंडों में खंड विकास अधिकारी और वन विभाग के कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम चलाएं, ताकि ग्रामीण स्तर पर रोकथाम को मजबूत बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने वनाग्नि रोकथाम अभियान में सक्रिय महिला मंगल दलों और अन्य सहयोगी समूहों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और उनका बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में नगर निगम मेयर अजय वर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, प्रभागीय वनाधिकारी (सिविल सोयम) प्रदीप कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी (रानीखेत) संतोष कुमार पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

