
अल्मोड़ा। देश में रोजगार, बेरोजगारी और श्रम बाजार की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) की शुरुआत की जा रही है। अर्थ एवं संख्या निदेशालय के निर्देशन में यह सर्वे फरवरी से दिसंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा। जनपद अल्मोड़ा में इस सर्वेक्षण की शुरुआत 16 फरवरी से की जाएगी। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी ने बताया कि सर्वे के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के चयनित परिवारों से कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार प्रणाली (कैपी) के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। इस प्रक्रिया में परिवारों के सदस्यों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी और मासिक व्यय से संबंधित आंकड़े दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनपद में सर्वेक्षण के लिए कुल 26 इकाइयों का चयन किया गया है, जिनमें 14 ग्रामीण और 12 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। ग्रामीण इकाइयों में खरखोली, खीराकोट मंज्यूर कनारी, धुधतिया गांव, नौगांव, न्यूनी, फूटा, खेतीलग्गा सिद्धी मुराद, ठाट, खडियानौली, तल्ली मैनारी, बिसराखेत और जैनोली जैसे गांव शामिल हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में नगर निगम अल्मोड़ा के आठ वार्ड, नगर पंचायत भिकियासैंण, रानीखेत कैंट क्षेत्र तथा नगर पालिका परिषद रानीखेत के चिलियानौला क्षेत्र को शामिल किया गया है। सर्वेक्षण के दौरान विभाग के सहायक सांख्यिकीय अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे और उसे ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इस सर्वे का उद्देश्य श्रम बल सहभागिता दर, श्रमिक जनसंख्या अनुपात और बेरोजगारी दर जैसे प्रमुख संकेतकों का आकलन करना है। ये आंकड़े नीति निर्माण, योजना निर्धारण और शोध कार्यों के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। रेणु भंडारी ने संबंधित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण टीम को सही जानकारी देकर सहयोग करें, ताकि यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

