
हरिद्वार। एनएचएम कर्मियों ने अपनी मांगों के पूरे नहीं होने से खफा होकर सरकार द्वारा उनके पक्ष में किए गए घोषणा एवं समझौते की प्रतियों को 10 नवंबर को जलाने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ने डॉ. रमिंदर सिंह कालरा ने बताया कि यह फैसला बैठक में लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि नौ नवंबर तक घोषणाओं और समझौतों पर अमल नहीं किया गया तो प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर 10 नवंबर को यह कार्य किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ने डॉ. रमिंदर सिंह कालरा ने बताया 2021 में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में सराहनीय कार्य करने के लिए एनएचएम कर्मियों को दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं एनएचएम कर्मियों के संगठन के बीच बैठक के दौरान हुए समझौते पर भी किसी प्रकार का कोई अमल आज तक नहीं किया गया है। इसलिए संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि यदि राज्य स्थापना दिवस की तिथि तक सीएम की घोषणा एवं अन्य समझौतों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो 10 नवंबर को मुख्यमंत्री के घोषणा और समझौते की प्रति को जलाया जाएगा। बैठक में सुनील भंडारी, हर सिंह रावत, स्वरूप पोखरियाल, सौरभ कटक्वाल, डॉ. शैलेंद्र आदि मौजूद रहे।

